UP Board Solutions for Class 5 Hindi Kalrav Chapter 6 हरियाली

UP Board Solutions for Class 5 Hindi Kalrav Chapter 6 हरियाली

हरियाली शब्दार्थ

सरस = रस से पूर्ण
हास = हँसी
मलय समीर = दक्षिण से आनेवाली हवा
रवि = सूर्य
बिखेरा = फैलाया
मधुदिन = वसन्त ऋतु
नभ = आकाश
किसलय = कोंपल

हरियाली

आई मन ……….………………… मनभाई हरियाली॥

संदर्भ – यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘कलरव’ के ‘हरियाली’ नामक पाठ से लिया गया है। इसकी रचयिता ‘महादेवी वर्मा’ हैं।

प्रसंग – इस कविता में हरियाली, मलय समीर एवं फूल के संबंध में वर्णन किया गया है।

भावार्थ – वसन्त ऋतु में मन को अच्छी लगनेवाली हरियाली चारों तरफ फैल गई है। ऐसे हरे-भरे वातावरण में हरियाली देखकर चिड़ियाँ चहकने लगी हैं। फूलों की कलियाँ चटकने लगी हैं। पृथ्वी पर मधुर क्रियाकलाप आरंभ हो गया है। नई कोपलों में लालिमा फूट निकली है। चारों तरफ मन लुभानेवाली हरियाली आ गई है।

मलय समीर

मैं मलय …………….…………… समीर निराला॥

भावार्थ – दक्षिण से आनेवाली हवा कह रही है कि मैं अनोखी हूँ और सर-सर, मर-मर, सर-सर, मर-मर करते आकाश, जल, पृथ्वी पर फेरी लगाते हुए सूर्य को बता रही हूँ। मेरी इस गति से वसन्त ऋतु आनेवाली है। दक्षिण से चलनेवाली ‘मैं’ हवा अनोखी हूँ।

फूल

फूल हैं हम ………………………… सरस कोमल॥

भावार्थ – हम रसदार कोमल फूल हैं। हम दुख के क्षणों और कठिनाइयों में प्रसन्न रहकर ओस और काँटों में भी खिल रहे हैं। संसार में चाँदी के समान निर्मल मुसकान हमने ही फैलाई है। हम रस-युक्त कोमल फूल हैं।

हरियाली  अभ्यास – प्रश्न

भाव बोध

प्रश्न १.
उत्तर दो
(क) फूल ने अपनी क्या विशेषताएँ बताई हैं?
उत्तर:
फूल ने रसयुक्त कोमलता के साथ ओस व काँटों में भी खिलते रहने को अपना गुण (विशेषता) बताया है।

(ख) समीर फेरी देकर क्या कहता है?
उत्तर:
समीर (हवा) फेरी देकर कहता है कि मैं अनोखा हूँ और मेरी गति से वसन्त ऋतु आने वाली है।

(ग) सर-सर, मर-मर, सर-सर, मर-मर से समीर का कौन-सा गुण प्रकट हो रहा है?
उत्तर:
सर-सर, मर-मर की आवाज से बगैर एक पल भी रुके तेज गति में समीर के चलने का गुण प्रकट हो रहा है।

(घ) हरियाली आने पर प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?
उत्तर:
हरियाली आने पर चिड़ियाँ चहकती हैं, कलियाँ फूल बनने लगती हैं; नई कोपलें फूटने लगती हैं।

प्रश्न २.
फूल से हमें क्या सीख मिलती है? सही पर निशान (✓) लगाओ- (निशान लगाकर)
(क) हमें ओस और काँटों के बीच भी खिलना चाहिए।
(ख) हमें सर्दी, बरसात की परवाह नहीं करनी चाहिए।
(ग) हमें दुख के क्षणों और कठिनाइयों में भी प्रसन्न रहना चाहिए।   (✓)

प्रश्न ३.
नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो
नोट – विद्यार्थी इन वाक्यांशों के भाव स्पष्ट हेतु ‘भावार्थ’ पढ़ें।

प्रश्न ४.
कविता की पंक्तियों के अंत में आए समान तुकवाले शब्दों को छाँटकर लिखो(लिखकर )
निर्मल – कोमल
कलियाँ – रंगरलियाँ
फेरी – मेरी
लाली – हरियाली

प्रश्न ५.
नीचे लिखे शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखो- (लिखकर)
फूल – सुमन, कुसुम।
नभ – आकाश, गगन
समीर – वायु, हवा
रवि – भानु, सूर्य

प्रश्न ६.
उदाहरण के अनुसार नीचे लिखे शब्दों को वर्णमाला के क्रम में लिखो- उदाहरण- मलय, कोमल, चाँदनी,समीर,धरती का वर्णमाला के अनुसार क्रम होगा- कोमल, चाँदनी,धरती, मलय,समीर अब तुम करो – फूल, बिखेरा, किसलय, मनभाई, दिन, जल, थल, गति, सरस
उत्तर:
किसलय, गति, जल, थल, फूल, बिखेरा, मनभायी, सरस।

तुम्हारी कलम से
नोट – विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।

अब करने की बारी
नोट – विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।

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