UP Board Solutions for Class 5 Hindi Kalrav Chapter 3 लाल बहादुर शास्त्रि

UP Board Solutions for Class 5 Hindi Kalrav Chapter 3 लाल बहादुर शास्त्रि

लाल बहादुर शास्त्री शब्दार्थ

प्राचीर = दीवार
प्रतिष्ठा = सम्मान
सहपाठी = साथ पढ़नेवाला
लक्ष्य = उद्देश्य
आक्रमण = हमला
पुश्तैनी = पुरखों की
आर्थिक = धन संबंधी
वाणी = आवाज
उपवास = निराहार रहना
पुनः = फिर

लाल बहादुर शास्त्रि पाठ का सारांश

भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म २ अक्टूबर, १८०४ को मुगलसराय (वाराणसी) के एक साधारण परिवार में हुआ था। इनके पिता शारदाप्रसाद और माता रामदुलारी को समाज में अच्छी प्रतिष्ठा प्राप्त थी। पिता के शीघ्र देहावसान के कारण शास्त्री जी की प्रारंभिक शिक्षा माँ के संरक्षण में हुई। पढ़ने-लिखने में इनकी रुचि थी। ये शांत और मृदुल स्वभाव के थे। हरिश्चन्द्र हाईस्कूल बनारस में पढ़ते समय इन्होंने तिलक का प्रसिद्ध नारा सुना। इससे इन्हें देशभक्ति की प्रेरणा मिली। बनारस में ये गांधी जी के भाषणों से बहुत प्रभावित हुए। पढ़ाई के साथ शास्त्री जी स्वराज्य आन्दोलन में भी भाग लेने लगे। लाल बहादुर शास्त्री, गांधी जी के असयोग आन्दोलन में कूद पड़े और उन्होंने कई बार जेल की यातना सही। ये अपने सिद्धांतों पर हमेशा अडिग रहे।

देश के स्वाधीन होने पर नेहरू जी ने इन्हें रेलमंत्री बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान एक भीषण रेल दुर्घटना होने के कारण इन्होंने इस पद से त्याग-पत्र दे दिया। फिर ये उद्योग मंत्री बने। इन्होंने सभी पदों पर निष्ठा, तत्परता और ईमानदारी से कार्य किया। नेहरू जी का निधन होने पर इन्हें भारत का द्वितीय प्रधानमंत्री बनाया गया।

पाकिस्तान का भारत पर आक्रमण, अन्न की कमी के कारण अमेरिका से गेहूँ का आयात आदि समस्याएँ परेशानी का कारण थीं। शास्त्री जी ने अद्भुत दृढ़ता का परिचय दिया। इन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर जनता में स्वाभिमान की भावना जगाई।

इनके प्रधानमंत्रित्व काल में भारत पाक युद्ध में भारत विजयी हुआ। युद्ध के बाद रूस में ताशकंद समझौता हुआ। १० जनवरी, १८६६ को हृदय गति रुक जाने से इनका निधन हो गया।

लाल बहादुर शास्त्रि अभ्यास प्रश्न

शब्दों का खेल

प्रश्न १.
नीचे प्रत्येक पंक्ति में दो शब्द दिए गए हैं, पढ़कर सोचो कि दोनों के अर्थ एक जैसे हैं या एक-दूसरे से उलटे। यदि ये शब्द समानार्थक हों, तो ‘स’ पर घेरा खींचो, यदि विलोम (विपरीतार्थक) हों, तो “वि’ पर घेरा खींचो। (उदाहरण के अनुसार घेरा खींचकर )
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प्रश्न २.
निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाओ-(वाक्य बनाकर)
उत्तर:
आशा का केंद्र – शास्त्री जी अपने परिवार की आशा के केंद्र थे।
कचहरी  – कचहरी में मुकदमों का फैसला होता है।
हृदयगति – हृदयगति रुकने से फौरन मृत्यु हो जाती है।
सिर ऊँचा – शास्त्री जी ने अपने अच्छे कार्यों से देश का सिर ऊँचा किया।
इज्ज़त की मौत – गुलामी की जिंदगी से इज़्ज़त की मौत अच्छी होती है।

प्रश्न ३.
निम्नलिखित विशेषण शब्दों से वाक्य बनाएँ- (वाक्य बनाकर).
उत्तर:
दयालु – ईश्वर दयालु होता है। कोमल- कोमल हृदय होना भावुकता का लक्षण है।
चतुर – परिस्थिति के अनुसार कार्य करनेवाला ही चतुर कहलाता है।
श्रेष्ठ – गुण ही मानव को श्रेष्ठ बनाता है।

बोध प्रश्न

प्रश्न १.
उत्तर दो
(क) लाल बहादुर शास्त्री का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर:
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म मुगलसराय (वाराणसी) में हुआ था।

(ख) शास्त्री जी ने रेलमंत्री का पद क्यों छोड़ा?
उत्तर:
रेल दुर्घटना को नैतिक जिम्मेदारी मानकर शास्त्री जी ने रेलमंत्री का पद छोड़ा।

(ग) देश में खाद्यान्न की समस्या होने पर शास्त्री जी ने क्या किया?
उत्तर:
देश में खाद्यान्न की समस्या होने पर शस्त्री जी ने लोगों को सब्जियाँ आदि अधिक खाने और हफ्ते में एक दिन व्रत रखने को (निराहार रहने को) कहा।

(घ) शास्त्री जी के स्वभाव की क्या-क्या विशेषताएँ थीं?
उत्तर:
शास्त्री जी सादगी, सरलता और मृदुलता की साक्षात् मूर्ति थे। वे दृढ़ निश्चयी, परिश्रमी और धैर्यशील व्यक्ति थे।

तुम्हारी कलम से 

प्रश्न १.
नोट -छात्र कविता स्वयं बनाएँ। जैसे–’विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झण्डा ऊँचा रहे हमारा।।

प्रश्न २.
लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर दस वाक्य लिखो।
उत्तर:
लाल बहादुर शास्त्री २ अक्टूबर, १८०४ को मुगलसराय (वाराणसी) में पैदा हुए थेये सीधे-सादे और मृदुल स्वभाव के थे। बनारस में इन्होंने पढ़ाई छोड़कर स्वाधीनता आन्दोलन में भाग लिया और ये कई बार जेल गए। भारत के स्वाधीन होने पर ये रेलमंत्री नियुक्त हुए। लेकिन भीषण रेल दुर्घटना के कारण इन्होंने पद से त्याग-पत्र दे दिया। नेहरू जी के बाद ये देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने। ये देश की कई समस्याओं के समाधान में क्रियाशील रहे। इनका प्रसिद्ध नारा था, ‘जय जवान, जय किसान!’ १० जनवरी, १६६६ को ताशकन्द में इनका निधन हो गया।

अब करने की बारी
नोट 
-विद्यार्थी प्रश्न १ व २ स्वयं करें।

प्रश्न ३.
इन महापुरुषों के लोकप्रिय नारे कौन-से थे?
उत्तर:
महात्मा गांधी – ‘भारत छोड़ो’
लोकमान्य तिलक -‘स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है’
लाल बहादुर शास्त्री – ‘जय जवान, जय-किसान’
सुभाषचन्द्र बोस – ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’।।

प्रश्न ४.
तिथियों, वर्षों को घटनाओं से जोड़ो – (जोड़कर)
२ अक्टूबर, १०४ – लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म
१८२६ – लाल बहादुर ने ‘शास्त्री’ परीक्षा उत्तीर्ण की
१८४२ – भारत छोड़ो आन्दोलन में शास्त्री जी जेल गए
१ जनवरी, १८६६ – लाल बहादुर शास्त्री जी की मृत्यु

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